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Saturday, September 3, 2016
जैसा तुमको दीखता हूँ क्या मैं सचमुच वैसा हूँ
घर से बेघर
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चाहे जिसने भी कही है बात लेकिन सच सही है
मेरा एक और ब्लॉग http://katha-kavita.blogspot.com/
एक भूली सी कहानी ढूंढते हो- चाँद मंगल पे paani
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, तुम बोलो झूठ अदा हो जाता है २ शेर
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