Tuesday, March 29, 2011

फुटकर शे‘र--श्याम सखा श्याम

 कोई अपना नहीं रहा
दुख: का दरिया नहीं रहा

थी तमन्ना जीऊं बहुत
अब इरादा नहीं रहा

देखकर उसको तो ‘सखा’
दिल ही अपना नहीं रहा





मेरा एक और ब्लॉग http://katha-kavita.blogspot.com/

2 comments:

  1. थी तमन्ना जीऊं बहुत
    अब इरादा नहीं रहा

    bahut sundar panktiyan !
    ___________________________________________
    http://indranil-sail.blogspot.com/2011/03/blog-post_23.html

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  2. कोई अपना नहीं रहा
    फिल्म-मैं हूं ना :)

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