Monday, November 29, 2010

एक फुट्कर शेर

सुनते हैं दिल में प्यार रहता है
फ़िर भी दिल बेकरार रहता है
गुल गुलामी करे है मौसम की
मस्त हर वक्त खार रहता है
 




मेरा एक और ब्लॉग http://katha-kavita.blogspot.com/

3 comments:

  1. बढ़िया शेर ! प्यार ही तो बेक़रार करता है ...

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  2. बहुत दिनों बाद डॊक्टर सा’ब :)

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