दोस्तो
मैं पिछले चालीस साल में लगभग ३०० गजल कह पाया हूं यानि हर साल 7-8 गज़ल और ये सभी गज़ल मेरे ३ गज़ल संग्रहों.दुनिया भर के गम थे, शुक्रिया जिन्दगी और रेत का दरिया में प्रकाशित हो चुकी हैं,ब्लागिंग शुरू की तो यहां पोस्ट कर रहा हूं,और आप जानते ही हैं कि प्रकाशित रचनाओं का कापी राइट लेखक का होता है अत:आप को अगर इन्हे कहीं पर उद्धृत करना हो तो कृपया अनुमति लें,
श्याम सखा श्याम
photo by -shyam
Tuesday, August 9, 2011
futkar she`r---देखकर तेरा बदन फ़नकार आइने हुये
laxmi menon model said she has done nude photograph for calenders, so that she may enjoy looking them when she is 60 years ओल्ड
देख मुझको थे कभी फ़नकार आइने हुये
उम्र मेरी क्या ढ़ली मक्कार आइने हुये
मेरा एक और ब्लॉग http://katha-kavita.blogspot.com/
अद्भुत सुन्दर पंक्तियाँ! सच्चाई को आपने बड़े ही सुन्दरता से प्रस्तुत किया है! उम्र तो बढ़ती ही जाएगी और यही ज़िन्दगी का दस्तूर है! मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है- http://seawave-babli.blogspot.com
क्या यह पूरी पोस्ट है !
ReplyDeleteअद्भुत सुन्दर पंक्तियाँ! सच्चाई को आपने बड़े ही सुन्दरता से प्रस्तुत किया है! उम्र तो बढ़ती ही जाएगी और यही ज़िन्दगी का दस्तूर है!
ReplyDeleteमेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com
वाह लाजवाब !!!!
ReplyDeletegazab !
ReplyDeleteumr dhalne se koi inkar nahee hai
ReplyDeleteboodha agar hojaye wo fankar nahee hai
kishan tiwari
वाह वाह!!!
ReplyDeleteदेख मुझको थे कभी फ़नकार आइने हुये
ReplyDeleteउम्र मेरी क्या ढ़ली मक्कार आइने हुये...bahut khoob!!! ek katu satya...:)))
यूं कहें कि फूट कर शे’र निकला है॥
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